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देश के 22 करोड़ चालकों के हक की आवाज बनी ‘ऑल इंडिया ड्राइवर कल्याण संघ

सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों को लेकर 29 सूत्रीय मांग पत्र जारी, चालक आयोग से लेकर पेंशन व बीमा तक उठाई मांग* 

पाली। देश की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को पहियों पर आगे बढ़ाने वाले करोड़ों व्यावसायिक चालकों के सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक अधिकारों को लेकर ऑल इंडिया ड्राइवर कल्याण संघ भारत ने आवाज बुलंद की है। संघ की ओर से केंद्र एवं राज्य सरकार के समक्ष चालकों के हित में 29 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत कर ठोस नीतियां लागू करने की मांग की गई है।

संघ ने देश के करीब 22 करोड़ चालकों के हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय चालक आयोग एवं प्रदेश चालक आयोग के गठन की मांग की है। साथ ही प्रत्येक वर्ष 1 सितंबर को राष्ट्रीय चालक दिवस के रूप में सरकारी स्तर पर घोषित कर इसे सरकारी कैलेंडर में शामिल करने की मांग भी रखी गई है।

मांग पत्र में दुर्घटना में घायल या दिव्यांग होने वाले व्यावसायिक चालकों को 10 लाख रुपए तक मुआवजा तथा चालक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग प्रमुखता से शामिल है। वहीं सरकारी संस्थाओं में संविदा, ठेका एवं आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत व्यावसायिक चालकों के नियमितीकरण एवं समान वेतन की मांग भी की गई है।

संघ ने 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यावसायिक चालकों के लिए न्यूनतम 10 हजार रुपए मासिक पेंशन, चालकों के लिए 20 लाख रुपए का मेडिकल बीमा तथा 10 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा दूसरे राज्यों में सामान पहुंचाने वाले चालकों को होने वाले प्रशासनिक एवं पुलिस उत्पीड़न पर रोक लगाने तथा कानूनी मामलों में उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।
मांग पत्र में ओला-उबर जैसी ऐप आधारित कंपनियों को सरकारी कानून के दायरे में संचालित करने, विधानसभा एवं संसद में चालकों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए चालक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने तथा चालकों की 8 घंटे की ड्यूटी और 26 कार्य दिवस निर्धारित करने की मांग भी शामिल है।
 *‘चालक केवल वाहन नहीं, देश की अर्थव्यवस्था चलाते हैं’* 

ऑल इंडिया ड्राइवर कल्याण संघ का कहना है कि चालक दिन-रात सड़कों पर रहकर देश के एक कोने से दूसरे कोने तक आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं। देश की आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद चालक वर्ग आज भी सुरक्षा, बीमा, पेंशन, सम्मान और रोजगार से जुड़ी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

संघ ने सरकार से चालक वर्ग की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक समान एवं प्रभावी चालक नीति बनाने की मांग की है। संघ का कहना है कि चालकों को केवल श्रमिक के रूप में नहीं, बल्कि देश की आर्थिक व्यवस्था के महत्वपूर्ण पहिए के रूप में सम्मान, सुरक्षा और सामाजिक अधिकार मिलना चाहिए।
 *पाली जिला कमेटी ने भी उठाई आवाज* 

चालकों के अधिकारों को लेकर ऑल ड्राइवर कल्याण संघ पाली जिला अध्यक्ष केवाराम विरास के नेतृत्व में जिला कमेटी ने भी मांगों को मजबूती से उठाया। इस दौरान हीरालाल, शिवदत्त सिंह लखावत, नरपत सिंह भाटी, चौथाराम, ओमप्रकाश ब्राह्मण, रमेश, विनोद, सागर खान, निंबाड़ा, भुंडाराम, अकबर भाई निंबाड़ा एवं मुकेश भाई जाडन सहित संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

संघ पदाधिकारियों ने कहा कि चालक वर्ग की जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाने और उनके अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए संगठन लगातार प्रयासरत रहेगा।

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