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अक्षय तृतीया पर बालिकाओं ने दूल्हा-दुल्हन बनकर दिया संदेश, बाल विवाह के दुष्परिणामों पर किया जागरूक

पाली संवाददाता अक्षय तृतीया के अवसर पर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय रामपुरा की ढाणी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में स्कूली बालिकाओं ने दूल्हा-दुल्हन का रूप धारण कर बाल विवाह रोकथाम का प्रभावी संदेश दिया और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया।
अधिकार मित्र पारस थानवी ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग पाली के सहयोग से आयोजित इस विशेष शिविर में बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसे समाप्त करने का आह्वान किया गया। उन्होंने जानकारी दी कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़की एवं 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कानूनन अपराध है।शिविर में बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि इससे बालिकाओं की शिक्षा बाधित होती है तथा उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। साथ ही बाल विवाह की सूचना देने के लिए 181, 100, 1098, 112 एवं 15100 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।कार्यक्रम के दौरान बालिका शिक्षा, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान, निःशुल्क विधिक सहायता एवं साइबर अपराध से जुड़े कानूनों के बारे में भी जागरूक किया गया। प्रधानाध्यापक मोहम्मद असलम ने शिक्षा विभाग एवं प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अंत में सभी को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलवाई।
इस अवसर पर प्रधानाध्यापक मोहम्मद असलम, अधिकार मित्र पारस थानवी, शिक्षक भोजाराम चौधरी, सुभाषचंद्र, वैजयंती, विनिता दायमा सहित छात्रा किरण, पूजा आदि उपस्थित रहे।

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