पाली जिला क्षेत्र के इंद्रा नगर टोल प्लाज़ा परिसर में रविवार शाम करीब 6 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टोल क्रॉस करते ही दो ट्रेलरों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि एक ट्रेलर में भरा सफेद पाउडर सड़क पर फैल गया और पूरे टोल प्लाज़ा परिसर में पाउडर की घनी धुंध छा गई। कुछ देर के लिए दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिससे वहां मौजूद वाहन चालकों और कर्मचारियों में दहशत फैल गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद ट्रेलर से गिरा पाउडर सड़क पर ढेर के रूप में जमा हो गया, जो रात भर वहीं पड़ा रहा। यह स्थिति हाईवे प्रोजेक्ट के नियमों पर सीधा सवाल खड़ा करती है, क्योंकि नियमानुसार किसी भी दुर्घटना के बाद सड़क को तुरंत साफ कर यातायात सामान्य किया जाना चाहिए। लेकिन यहां शाम 6 बजे से लेकर अगले दिन सुबह करीब 10 बजे तक सड़क पर मलबा और पाउडर फैला रहा, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हादसे में शामिल ट्रेलर चालक हमीद ने बताया कि टोल प्लाज़ा परिसर में यह दुर्घटना अचानक हुई। टोल लाइन पार करने के बाद जैसे ही वाहन ब्रिज से उतरकर मुख्य सड़क पर चढ़ते हैं, कई बार गाड़ियां अपनी लेन से बाहर आ जाती हैं। ऐसे में आगे चल रहा चालक बचाव में अचानक ब्रेक लगाता है और पीछे से आ रहा भारी वाहन संभल नहीं पाता, जिससे टक्कर हो जाती है। इसी लापरवाही और अव्यवस्था के चलते यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों और चालकों का आरोप है कि टोल प्रोजेक्ट कर्मचारियों की अनदेखी और पर्याप्त सावधानी संकेतों की कमी इस तरह के हादसों को न्योता दे रही है। टोल प्लाज़ा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में न तो स्पष्ट चेतावनी बोर्ड हैं और न ही ट्रैफिक को नियंत्रित करने की प्रभावी व्यवस्था।
हालांकि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जो राहत की बात है, लेकिन दोनों ट्रेलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सफाई और सुरक्षा प्रबंधन नहीं सुधारा गया, तो भविष्य में यह क्षेत्र किसी बड़े हादसे का गवाह बन सकता है।
यह दुर्घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि टोल प्लाज़ा परिसर में सुरक्षा, जिम्मेदारी और सतर्कता की सख्त जरूरत का चेतावनी संकेत है। अब देखना यह है कि संबंधित एजेंसियां इस घटना से सबक लेकर व्यवस्था सुधारती हैं या फिर ऐसी लापरवाहियां किसी बड़े नुकसान का कारण बनेंगी।
.png)
Post a Comment