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पितरों की नाराजगी के 5 अचूक संकेत:🚨 कहीं आपके घर में भी तो ऐसा नहीं हो रहा❓💬

न्यू राजस्थान धरा न्यूज।

▶️ शास्त्रों और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, जब हमारे पूर्वज (पितर) हमसे रुष्ट होते हैं, तो वे सीधे संकेत नहीं देते, बल्कि हमारे जीवन की परिस्थितियों को बदलने लगते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें:


▶️गृह क्लेश (बिना कारण मानसिक अशांति)

शास्त्र कहता है: पितर शांति और प्रेम के प्रतीक हैं। यदि घर की दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) दिशा दूषित है और परिवार में बिना बात के कलेश होता है, तो यह पितृ दोष का सबसे बड़ा लक्षण है।

 ▶️ मांगलिक कार्यों में बाधा (विवाह में देरी)

योग्य वर या वधू होने के बावजूद यदि शादी की बात बनते-बनते टूट जाती है, तो ज्योतिष के अनुसार कुंडली में पितृ ऋण सक्रिय होता है। यह वंश वृद्धि को रोकने का संकेत है।

▶️ धन का 'राहु' की तरह बहना (आकस्मिक हानि)

शास्त्रों के अनुसार, जब पितरों का सुरक्षा कवच हट जाता है, तो व्यक्ति दुर्घटनाओं और कानूनी विवादों में फंसता है। मेहनत की कमाई का बरकत न देना और बेवजह की बीमारियों पर खर्च होना पितरों की नाराजगी दर्शाता है।

▶️ बनते कार्यों का ऐन वक्त पर बिगड़ना

यदि आपके हर काम में 'रुकावट' आती है या आप सफलता के बेहद करीब पहुंचकर असफल हो जाते हैं, तो समझ लें कि पितरों का आशीर्वाद आप तक नहीं पहुंच पा रहा है।

▶️ पीपल का उगना और बरकत का अभाव

घर की दीवारों पर बार-बार प्राकृतिक रूप से पीपल का पौधा उगना और कड़ी मेहनत के बाद भी तिजोरी का खाली रहना, पितृ दोष का गंभीर लक्षण माना जाता है।


नोट - पितृ ऋण , मातृ ऋण ,भ्राता ऋण,स्त्री ऋण ऐसे बहुत से पितृ दोष होते है जो कि जातक की कुंडली में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में ट्रांसफर होता जाता है । 


भाग्येश गौतम वास्तु एक्सपर्ट 7678200917




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