प्रचार-प्रसार के अभाव में निष्प्रभावी रहा ग्राम उत्थान शिविर
सुमेरपुर, 24 जनवरी।राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ग्राम उत्थान योजना के अंतर्गत आयोजित शिविर शनिवार को तखतगढ़ गिरदावर सर्कल में अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सका। अपर्याप्त प्रचार-प्रसार के कारण शिविर में किसानों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति शून्य रही, जिससे आयोजन केवल औपचारिकता बनकर रह गया।
मुख्यमंत्री द्वारा सिरोही दौरे के दौरान की गई घोषणा के अनुसार 23 जनवरी से ग्राम उत्थान शिविरों के प्रथम चरण का शुभारंभ किया गया था। इसी क्रम में तखतगढ़ गिरदावर सर्कल में शिविर आयोजित हुआ। शिविर स्थल पर प्रातः 10 बजे तक कृषि, राजस्व सहित कुल 11 विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी निर्धारित टेबलों पर उपस्थित हो गए, किंतु दोपहर 12 बजे तक एक भी किसान अथवा ग्रामीण शिविर में नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों की अनुपस्थिति के चलते शिविर स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा और सरकारी व्यवस्थाएं निष्क्रिय प्रतीत हुईं। अधिकारियों की उपस्थिति के बावजूद जनसहभागिता नहीं होने से शिविर का उद्देश्य अधूरा रह गया।
ग्राम उत्थान शिविरों का मूल उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना, उन्नत एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना, नवीन जानकारी उपलब्ध कराना तथा किसानों की आय एवं उत्पादकता में वृद्धि करना है, लेकिन सूचना तंत्र की कमजोरी के कारण योजना का लाभ लक्षित वर्ग तक नहीं पहुंच पाया।
सूत्रों के अनुसार तखतगढ़, नोवी एवं बलपुरा ग्राम पंचायत सर्कल में आयोजित अन्य शिविरों में भी किसानों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति दर्ज नहीं हुई। इससे शिविरों की पूर्व तैयारी, प्रचार व्यवस्था एवं प्रशासनिक समन्वय पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
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