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हाईवे बना खतरे की घंटी: इंद्रा नगर में फिर पलटा ट्रेलर, डेढ़ सौ मीटर दूर बसी बस्ती पर मंडरा रहा मौत का साया

पाली ब्यावर–पिंडवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग 162 पाली जिले के इंद्रा नगर क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 8 बजे एक बार फिर दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। ब्यावर–पिंडवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग-162 पर तेज रफ्तार ट्रेलर, आगे चल रही कार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया।
हादसे में ट्रेलर चालक को सामान्य चोटें आईं, लेकिन ट्रेलर के पलटते ही उसमें भरा कली पाउडर सड़क किनारे फैल गया और केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कोई बड़ा जानमाल का नुकसान नहीं हुआ,लेकिन यह हादसा भविष्य के खतरे की गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है। चालक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगे चल रही कार के सामने अचानक गौवंश आ गया। कार चालक ने अचानक ब्रेक लगाए, जिससे पीछे आ रहे ट्रेलर चालक ने टक्कर से बचने के लिए वाहन को साइड में मोड़ा। इसी दौरान संतुलन बिगड़ गया और ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया।
हादसे के स्थान से महज करीब 150 से 200 मीटर की दूरी पर करीब 400 घरों की आबादी बसी हुई है। गांव में हाईवे कट नहीं होने के कारण रोजाना करीब 250 से 300 वाहन चालक मजबूरी में रॉन्ग साइड से आवाजाही करते हैं। इनमें अधिकांश मजदूर वर्ग के लोग शामिल हैं, जो रोजी-रोटी के लिए जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
गौरतलब है कि कुछ ही महीनो पहले इसी क्षेत्र से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक भीषण हादसा हुआ था। उस दौरान एक ट्रेलर चालक छोटे वाहन को बचाने के प्रयास में आगे चल रहे ट्रेलर से जा भिड़ा था। टक्कर के बाद ट्रेलर में आग लग गई और चालक जिंदा जलकर राख हो गया था। यह हादसा पूरे क्षेत्र को झकझोर देने वाला था। इसके बावजूद अब तक यहां कोई स्थायी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई, जिससे हादसों का सिलसिला लगातार जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ही हाईवे पर उचित कट, अंडरपास या सुरक्षित मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई, तो किसी दिन यहां बड़ा हादसा होना तय है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है।
यह हादसा एक बार फिर कई अहम सवाल खड़े करता है आखिर कब तक ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करेंगे?
कब मिलेगा उन्हें सुरक्षित रास्ता क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन जागेगा यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क केवल सफर का साधन नहीं, बल्कि जीवन की डोर होती है। थोड़ी सी लापरवाही कई परिवारों की खुशियां छीन सकती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन, जनप्रतिनिधि और समाज मिलकर सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, ताकि हर सफर सुरक्षित और हर घर खुशहाल रह सके।

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